क्या नर्मदा मैया कोई संकेत दे रही थीं?

मैं इसके लिए पहले से ही तैयार था. मैं पूरे दिन उसके बारे मे सोचता रहा. उसी की वजह से हम आज इस यात्रा पर थे.

North East Diary-2: माजुली: भारत में एक खूबसूरत रिवर आइलैंड

सुबह-सुबह पक्षियों की हल्की आवाज़ और उगता सूरज. ऐसा लगा जैसे कितने सालों से बस इसी की ख्वाहिश थी. हल्की ठंड में काफ़ी देर तक कॉटेज के बाहर…

North East Diary-1: भूटान की एक झलक

ये मेरी पहली विदेश यात्रा थी जहां बिना वीजा पासपोर्ट के जाना था. पासपोर्ट में घुन लग गया, या शायद दीमक खा गए, काहे कि उस पे आजतक एयरपोर्ट पे कोई ठप्पा नहीं लग पाया.

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?”