अरुणाचल की कहानियाँ- 1: वो घर जो रेलगाड़ी के डिब्बे जैसा था

नागालैंड के बाद मैंने अरुणाचल की यात्रा भी इसी नोट पर शुरू की थी कि ग्रामीण और अलग-अलग क़बीले के जीवन को पास से देखना है.

लैंसडाउन के रास्ते पर इतनी ख़ास क्यों है ये आम सी जगह?

दिल्ली और आस-पास से वीकेंड के लिए निकलने की यह एक बढ़िया और आरामदेह जगह है.

अलवर, भानगढ़ और सरिस्का की सैर… आओ कभी हवेली पर

भानगढ़ किला, हां वही राजस्थान का भानगढ़ जिसके भूतिया होने की कहानी प्रचलित है और जहां सूर्यास्त के बाद अंदर जाना मना है.  

छत्तीसगढ़ डायरी: डोंगरगढ़ – सिटी ऑफ़ ब्लिस

कुछ जगहों के बारे में हम लिख नहीं सकते सिर्फ महसूस ही कर सकते हैं. ये जगह वैसी ही थी. महसूस करने और खुद को यहां की पॉजिटिव वाइब्स में डुबा देने की.

छत्तीसगढ़ में… छह दिन…

छत्तीसगढ़ में हों तो बिना छत्तीसगढ़ी व्यजंन चखे यात्रा अधूरी रहेगी. और इसका जायका हमेशा के लिए बस जाएगा जुबां पर.

गोवा: कसीनो, बीयर और समंदर के किनारों से कुछ अलग

फ्लैशबैक से वापस आज ठीक 23 साल बाद, मैं सावन की घटाओं में घिरे गोवा में, फिर लौट आयी. लेकिन आज समुद्र नहीं…

क्या नर्मदा मैया कोई संकेत दे रही थीं?

मैं इसके लिए पहले से ही तैयार था. मैं पूरे दिन उसके बारे मे सोचता रहा. उसी की वजह से हम आज इस यात्रा पर थे.

North East Diary-1: भूटान की एक झलक

ये मेरी पहली विदेश यात्रा थी जहां बिना वीजा पासपोर्ट के जाना था. पासपोर्ट में घुन लग गया, या शायद दीमक खा गए, काहे कि उस पे आजतक एयरपोर्ट पे कोई ठप्पा नहीं लग पाया.

अगर आप सुकून की तलाश में हैं तो ये जगह बिल्कुल सही है

यहां की शांति और खूबसूरती के बीच रेत पर पड़ती सूरज की किरणें यह बताती हैं कि प्रकृति कितनी खूबसूरत है.

‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

मैं सोच रहा हूं कि लोग कभी-कभी अपनी इच्छाओं की पूर्ति चक्कर में दूसरों की निजता तक को भूल जाते हैं.

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?”

‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

…सिक्के का दूसरा पहलू कुछ और है. क्या हम इसलिए निंदा नहीं करें कि सबकुछ ठीक है और हमारे पक्ष में है?