घुमंतू लड़की-4: ये अनुभव मैं ज़िंदगी भर नहीं भूल पाऊंगी

आज की रात इस खूबसूरत से गांव में गुजारनी थी. चाँद की रोशनी में. जंगल की आवाज़ रात भर अपने होने का एहसास कराती रही. Continue reading घुमंतू लड़की-4: ये अनुभव मैं ज़िंदगी भर नहीं भूल पाऊंगी

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घुमंतू लड़की-3: पहाड़ों की नशीली सी हवा का जादू

जो काम मैंने बन मक्खन के साथ किया था अगर बन मक्खन की कोई सोसाइटी होती तो उस वक़्त मेरे खिलाफ प्रोटेस्ट चालू हो चुका होता. Continue reading घुमंतू लड़की-3: पहाड़ों की नशीली सी हवा का जादू