किसी नदी को पैदल पार करने का सुख…

लोग हमें लेकर बहुत ही उत्सुक थे. वे जानना चाहते थे कि हमारे पास क्या-क्या सामान है? बॉटल में क्या रखा है?

एन ऑर्डिनरी लाइफ आॅफ एन एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पर्सन!

ये किताब नवाज़ की ज़िंदगी के उन पन्नों को खोलती है जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. जैसे कि उन्हें अपनी एक प्रोफेसर के एकतरफा मोहब्बत हो गयी थी

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?”