घुमंतू लड़की-4: ये अनुभव मैं ज़िंदगी भर नहीं भूल पाऊंगी

आज की रात इस खूबसूरत से गांव में गुजारनी थी. चाँद की रोशनी में. जंगल की आवाज़ रात भर अपने होने का एहसास कराती रही. Continue reading घुमंतू लड़की-4: ये अनुभव मैं ज़िंदगी भर नहीं भूल पाऊंगी

अगर आप सुकून की तलाश में हैं तो ये जगह बिल्कुल सही है

यहां की शांति और खूबसूरती के बीच रेत पर पड़ती सूरज की किरणें यह बताती हैं कि प्रकृति कितनी खूबसूरत है. Continue reading अगर आप सुकून की तलाश में हैं तो ये जगह बिल्कुल सही है

घुमंतू लड़की-3: पहाड़ों की नशीली सी हवा का जादू

जो काम मैंने बन मक्खन के साथ किया था अगर बन मक्खन की कोई सोसाइटी होती तो उस वक़्त मेरे खिलाफ प्रोटेस्ट चालू हो चुका होता. Continue reading घुमंतू लड़की-3: पहाड़ों की नशीली सी हवा का जादू

‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

मैं सोच रहा हूं कि लोग कभी-कभी अपनी इच्छाओं की पूर्ति चक्कर में दूसरों की निजता तक को भूल जाते हैं. Continue reading ‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?” Continue reading ‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

…सिक्के का दूसरा पहलू कुछ और है. क्या हम इसलिए निंदा नहीं करें कि सबकुछ ठीक है और हमारे पक्ष में है? Continue reading ‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

घुमंतू लड़की-2: छोटे बालों वाली लड़कियों को लोग इतना घूरते क्यों हैं?

पहाड़ों में इतनी शांति ऐसी अजीब होती है कि आपको अपनी साँसें भी सुनाई देने लगती है. एक सूं सा सन्नाटा कान के चारों और चीखता है. Continue reading घुमंतू लड़की-2: छोटे बालों वाली लड़कियों को लोग इतना घूरते क्यों हैं?