लैंसडाउन के रास्ते पर इतनी ख़ास क्यों है ये आम सी जगह?

दिल्ली और आस-पास से वीकेंड के लिए निकलने की यह एक बढ़िया और आरामदेह जगह है.

अलवर, भानगढ़ और सरिस्का की सैर… आओ कभी हवेली पर

भानगढ़ किला, हां वही राजस्थान का भानगढ़ जिसके भूतिया होने की कहानी प्रचलित है और जहां सूर्यास्त के बाद अंदर जाना मना है.  

गोवा का ये रंग देखा है आप ने?

ये रंग शायद गोवा का रंग है. जो तीखी धूप में और चटकीला हो जाता है. ये रंग आंखों को एक खास तरह का सूकून देता है.

छत्तीसगढ़ डायरी: डोंगरगढ़ – सिटी ऑफ़ ब्लिस

कुछ जगहों के बारे में हम लिख नहीं सकते सिर्फ महसूस ही कर सकते हैं. ये जगह वैसी ही थी. महसूस करने और खुद को यहां की पॉजिटिव वाइब्स में डुबा देने की.

छत्तीसगढ़ में… छह दिन…

छत्तीसगढ़ में हों तो बिना छत्तीसगढ़ी व्यजंन चखे यात्रा अधूरी रहेगी. और इसका जायका हमेशा के लिए बस जाएगा जुबां पर.

गोवा: कसीनो, बीयर और समंदर के किनारों से कुछ अलग

फ्लैशबैक से वापस आज ठीक 23 साल बाद, मैं सावन की घटाओं में घिरे गोवा में, फिर लौट आयी. लेकिन आज समुद्र नहीं…

क्या नर्मदा मैया कोई संकेत दे रही थीं?

मैं इसके लिए पहले से ही तैयार था. मैं पूरे दिन उसके बारे मे सोचता रहा. उसी की वजह से हम आज इस यात्रा पर थे.

वो आदमी तीन दिन से हमारा इंतज़ार कर रहा था…

हम एक ऐसे आदमी से मिले जो पिछले तीन दिन से हमारा इंतज़ार कर रहा था. उसकी बेटी विदेशी लोगों से मिलना चाहती थी.

हमेशा की तरह आज भी हमारे पास खाने को कुछ नहीं था..

यह हमारे लिए पहली बार था कि हम किसी के घर के सामने खड़े हो कर खाना मांग रहे थे. उस परिवार ने हमसे कुछ प्रश्न पूछे, हमारी निगाह नीची थी.

North East Diary-2: माजुली: भारत में एक खूबसूरत रिवर आइलैंड

सुबह-सुबह पक्षियों की हल्की आवाज़ और उगता सूरज. ऐसा लगा जैसे कितने सालों से बस इसी की ख्वाहिश थी. हल्की ठंड में काफ़ी देर तक कॉटेज के बाहर…

North East Diary-1: भूटान की एक झलक

ये मेरी पहली विदेश यात्रा थी जहां बिना वीजा पासपोर्ट के जाना था. पासपोर्ट में घुन लग गया, या शायद दीमक खा गए, काहे कि उस पे आजतक एयरपोर्ट पे कोई ठप्पा नहीं लग पाया.

किसी नदी को पैदल पार करने का सुख…

लोग हमें लेकर बहुत ही उत्सुक थे. वे जानना चाहते थे कि हमारे पास क्या-क्या सामान है? बॉटल में क्या रखा है?