‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

मैं सोच रहा हूं कि लोग कभी-कभी अपनी इच्छाओं की पूर्ति चक्कर में दूसरों की निजता तक को भूल जाते हैं. Continue reading ‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?” Continue reading ‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

…सिक्के का दूसरा पहलू कुछ और है. क्या हम इसलिए निंदा नहीं करें कि सबकुछ ठीक है और हमारे पक्ष में है? Continue reading ‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

नर्मदा परिक्रमा: जीवन बदल देने वाली दवा है ये…

यहां आने के बाद से अभी तक एक बार भी मैंने अपनी बांसुरी को छुआ नहीं. मैं इसे नहीं बजा पाने को मिस कर रहा था. Continue reading नर्मदा परिक्रमा: जीवन बदल देने वाली दवा है ये…

राजशाही ठाठ का एक अजीब और सुखद चेहरा देखा

राजपरिवार के कपड़े, गहने से लेकर जंग में इस्तेमाल में लाए जाने वाले छुरी, तलवार, बन्दूक, तोप देखकर हम दंग थे. Continue reading राजशाही ठाठ का एक अजीब और सुखद चेहरा देखा

किले के उस हिस्से में अजीब सी मनहूसियत थी…

ये वो शहर है जो छूटता नहीं है, वह आपके मन के उस कोने में जाकर बस जाता है, जहाँ से उसे दूर करना नामुमकिन है… Continue reading किले के उस हिस्से में अजीब सी मनहूसियत थी…