North East Diary-2: माजुली: भारत में एक खूबसूरत रिवर आइलैंड

सुबह-सुबह पक्षियों की हल्की आवाज़ और उगता सूरज. ऐसा लगा जैसे कितने सालों से बस इसी की ख्वाहिश थी. हल्की ठंड में काफ़ी देर तक कॉटेज के बाहर… Continue reading North East Diary-2: माजुली: भारत में एक खूबसूरत रिवर आइलैंड

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North East Diary-1: भूटान की एक झलक

ये मेरी पहली विदेश यात्रा थी जहां बिना वीजा पासपोर्ट के जाना था. पासपोर्ट में घुन लग गया, या शायद दीमक खा गए, काहे कि उस पे आजतक एयरपोर्ट पे कोई ठप्पा नहीं लग पाया. Continue reading North East Diary-1: भूटान की एक झलक

किसी नदी को पैदल पार करने का सुख…

लोग हमें लेकर बहुत ही उत्सुक थे. वे जानना चाहते थे कि हमारे पास क्या-क्या सामान है? बॉटल में क्या रखा है? Continue reading किसी नदी को पैदल पार करने का सुख…

पहाड़, झरना और बादलों का स्पेशल कॉम्बो है ये जगह

लेकिन बिना प्लान के जो प्लान बनता है ना वो होता गज़ब है. तो होता ये है कि जाना था जापान और पहुंच गए चीन. Continue reading पहाड़, झरना और बादलों का स्पेशल कॉम्बो है ये जगह

‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

मैं सोच रहा हूं कि लोग कभी-कभी अपनी इच्छाओं की पूर्ति चक्कर में दूसरों की निजता तक को भूल जाते हैं. Continue reading ‘ऐसा लगा जैसे अपनी बिछड़ी प्रेमिका से मिलने जा रहा हूं’

‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

हमारी हर इच्छा मांगने के साथ ही पूरी होती गयी. मैंने यह बात जब लोगों को बतायी तो वे मुस्कुराते हुये बोले – “आगे-आगे देखो होता है क्या?” Continue reading ‘इस यात्रा में हमने जो चाहा हमारी हर इच्छा पूरी हुई’

‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’

…सिक्के का दूसरा पहलू कुछ और है. क्या हम इसलिए निंदा नहीं करें कि सबकुछ ठीक है और हमारे पक्ष में है? Continue reading ‘रोती हुई उस लड़की को मैं गले लगाना चाहता था लेकिन…’