हमेशा की तरह आज भी हमारे पास खाने को कुछ नहीं था..

यह हमारे लिए पहली बार था कि हम किसी के घर के सामने खड़े हो कर खाना मांग रहे थे. उस परिवार ने हमसे कुछ प्रश्न पूछे, हमारी निगाह नीची थी.

एन ऑर्डिनरी लाइफ आॅफ एन एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी पर्सन!

ये किताब नवाज़ की ज़िंदगी के उन पन्नों को खोलती है जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. जैसे कि उन्हें अपनी एक प्रोफेसर के एकतरफा मोहब्बत हो गयी थी